August 20, 2026

Surya Grahan 2026: 12 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं?

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12 अगस्त 2026 को साल का आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। जानें भारत में यह ग्रहण क्यों नहीं दिखाई देगा, इसका भारतीय समय क्या है, सूतक काल मान्य होगा या नहीं और ग्रहण किन देशों में दिखाई देगा।

12 अगस्त 2026 के पूर्ण सूर्य ग्रहण का दृश्य

12 अगस्त 2026 को होने वाला साल का आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

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साल 2026 का दूसरा और आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) 12 अगस्त 2026, बुधवार को होगा। यह खगोलीय घटना खास इसलिए है क्योंकि इसकी Totality का रास्ता ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और रूस के कुछ हिस्सों से होकर गुजरेगा।

NASA के अनुसार 12 अगस्त का यह पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, अटलांटिक महासागर, स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में Total Solar Eclipse के रूप में दिखाई देगा। यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कई हिस्सों में इसका Partial Eclipse भी देखा जा सकेगा।

भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत के किसी भी हिस्से से दिखाई नहीं देगा।

Surya Grahan 2026: मुख्य जानकारी

जानकारीविवरण
तारीख12 अगस्त 2026
दिनबुधवार
ग्रहण का प्रकारपूर्ण सूर्य ग्रहण
भारतीय समय में शुरुआतरात 9:04 बजे
पूर्ण ग्रहण की शुरुआतरात 10:28 बजे
अधिकतम ग्रहणरात 11:16 बजे
Totality समाप्त13 अगस्त, रात 12:04 बजे
आंशिक ग्रहण समाप्त13 अगस्त, रात 1:28 बजे
भारत में दृश्यतानहीं
प्रमुख दृश्यता क्षेत्रग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस
अधिकतम Totalityलगभग 2 मिनट 18 सेकंड

भारतीय समय की ये गणनाएं उस वैश्विक ग्रहण के IST conversion पर आधारित हैं। भारत में इस दौरान रात होने के साथ-साथ देश eclipse visibility zone से भी बाहर है।

12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण कितने बजे होगा?

भारतीय समय के अनुसार ग्रहण का Partial Phase 12 अगस्त की रात लगभग 9:04 बजे शुरू होगा।

इसके बाद:

  • रात 9:04 बजे: आंशिक ग्रहण शुरू
  • रात 10:28 बजे: Totality शुरू
  • रात 11:16 बजे: ग्रहण का अधिकतम चरण
  • 13 अगस्त रात 12:04 बजे: Totality समाप्त
  • 13 अगस्त रात 1:28 बजे: आंशिक ग्रहण समाप्त

लेकिन इन समयों का अर्थ यह नहीं है कि भारत में लोग उस समय सूर्य ग्रहण देख सकेंगे। ये वैश्विक eclipse event के भारतीय समय में converted timings हैं। भारत से यह घटना दिखाई नहीं देगी।

क्या Surya Grahan 2026 भारत में दिखाई देगा?

नहीं।

12 अगस्त 2026 का Total Solar Eclipse भारत से दिखाई नहीं देगा। भारत इस ग्रहण के Totality Path में तो नहीं है ही, बल्कि Partial Eclipse की visibility zone में भी नहीं आता।

दिल्ली के लिए उपलब्ध Panchang calculation भी इसे स्पष्ट रूप से “Eclipse would not be visible in Delhi” बताती है। मुंबई और देश के अन्य हिस्सों के लिए भी यही स्थिति है।

इसलिए भारत में लोग इस ग्रहण को सीधे आसमान में देखने की कोशिश न करें।

यह सूर्य ग्रहण कहां दिखाई देगा?

NASA के अनुसार Total Solar Eclipse का मुख्य मार्ग इन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा:

  • Greenland
  • Iceland
  • Northern Russia
  • Spain
  • Portugal का छोटा हिस्सा
  • Atlantic Ocean के कुछ हिस्से

इसके अलावा Partial Solar Eclipse यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के बड़े हिस्सों सहित कई क्षेत्रों में दिखाई देगा।

Iceland में सबसे खास होगा सूर्य ग्रहण

Iceland इस ग्रहण को देखने के लिए प्रमुख locations में से एक होगा।

NASA के अनुसार Reykjavík में Totality लगभग 1 मिनट 1 सेकंड तक रहेगी। NASA के eclipse calculations के अनुसार पूरे ग्रहण की maximum totality लगभग 2 मिनट 18 सेकंड है।

NASA इस ग्रहण को लेकर Iceland और Spain में scientific experiments भी कर रहा है, जिनमें सूर्य के corona और पृथ्वी के atmosphere पर eclipse के प्रभाव का अध्ययन शामिल है।

यह 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण क्यों है?

2026 में कुल दो सूर्य ग्रहण होंगे।

पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को Annular Solar Eclipse था।

दूसरा और साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को Total Solar Eclipse होगा।

इसलिए 12 अगस्त वाला ग्रहण 2026 का अंतिम सूर्य ग्रहण है।

पूर्ण सूर्य ग्रहण क्या होता है?

पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह ढक देता है।

जहां चंद्रमा की Umbra पृथ्वी की सतह पर पड़ती है, वहां Total Solar Eclipse दिखाई देता है। इस क्षेत्र में कुछ समय के लिए सूर्य का चमकीला disk पूरी तरह ढक जाता है और सूर्य का बाहरी वातावरण यानी Corona दिखाई दे सकता है।

Totality केवल सीमित समय के लिए होती है और इसका path भी पृथ्वी के बहुत छोटे हिस्से तक सीमित रहता है।

भारत में Sutak Kaal लागू होगा या नहीं?

धार्मिक मान्यताओं में सूर्य ग्रहण से पहले Sutak काल का उल्लेख मिलता है। हालांकि इसका पालन ग्रहण की दृश्यता और स्थानीय धार्मिक परंपरा से जुड़ा माना जाता है।

12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। दिल्ली के लिए उपलब्ध Panchang में भी Sutak Begins — Not Applicable और Sutak Ends — Not Applicable दिया गया है।

इसलिए भारत में इस ग्रहण के कारण सामान्य धार्मिक गतिविधियों पर Sutak की बाध्यता लागू नहीं मानी जा रही है।

हालांकि अलग-अलग संप्रदाय और परिवारों में धार्मिक परंपराएं अलग हो सकती हैं।

क्या भारत में मंदिर बंद होंगे?

चूंकि 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सामान्यतः यहां ग्रहण के कारण मंदिर बंद करने या विशेष Sutak नियम लागू करने की आवश्यकता नहीं मानी जाती।

फिर भी किसी विशेष मंदिर की अपनी स्थानीय धार्मिक परंपरा हो सकती है, इसलिए वहां के प्रबंधन द्वारा जारी सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या भी है

12 अगस्त 2026 को श्रावण अमावस्या है, जिसे कई क्षेत्रों में हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है।

स्थानीय पंचांगों के अनुसार इस दिन Amavasya तिथि रहेगी और हरियाली अमावस्या भी इसी दिन मनाई जाएगी।

हरियाली अमावस्या पर कई स्थानों पर:

  • पेड़ लगाने
  • प्रकृति की पूजा
  • भगवान शिव की पूजा
  • पितृ तर्पण
  • धार्मिक दान

जैसी परंपराएं निभाई जाती हैं।

भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण इन सामान्य धार्मिक गतिविधियों पर ग्रहण के कारण कोई विशेष बाधा नहीं मानी जा रही है।

12 अगस्त 2026 को कौन सी तिथि और नक्षत्र रहेगा?

यहां आपके मूल draft में एक correction जरूरी है।

12 अगस्त 2026 को New Delhi के पंचांग के अनुसार श्रावण कृष्ण अमावस्या रहेगी और चंद्र राशि कर्क रहेगी। नक्षत्र दिन की शुरुआत में Pushya और बाद में Ashlesha रहेगा। Shatabhisha नक्षत्र 12 अगस्त का नक्षत्र नहीं है।

इसलिए article में “कर्क राशि, शतभिषा नक्षत्र” लिखना सही नहीं होगा।

क्या भारत में सूर्य ग्रहण देखने की कोशिश करनी चाहिए?

नहीं।

चूंकि ग्रहण भारत में दिखाई ही नहीं देगा, इसलिए इसे देखने के लिए बिना सुरक्षित viewing equipment के सूर्य की ओर देखना बिल्कुल उचित नहीं है।

जहां सूर्य ग्रहण दिखाई दे रहा हो, वहां भी सामान्य sunglasses सूर्य को देखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते। Solar eclipse को देखने के लिए उचित ISO-certified solar viewing protection का इस्तेमाल करना चाहिए।

Totality के दौरान आंखों की सुरक्षा के नियम भी eclipse के चरण के अनुसार बदलते हैं, इसलिए स्थानीय astronomical authorities और NASA जैसे विश्वसनीय स्रोतों के safety instructions का पालन करना चाहिए।

भारत में सूर्य ग्रहण क्यों नहीं दिखेगा?

सूर्य ग्रहण तभी दिखाई देता है जब किसी स्थान से देखने वाले व्यक्ति के लिए सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की ज्यामिति ऐसी हो कि चंद्रमा सूर्य को ढकता हुआ दिखाई दे।

12 अगस्त के ग्रहण का shadow path भारत तक नहीं पहुंचेगा। इसलिए भारत में सूर्य ग्रहण के दौरान दिन या रात की स्थिति से आगे भी मुख्य कारण यही है कि भारत visibility region के बाहर है।

क्या भारत में ग्रहण के समय अंधेरा होगा?

नहीं।

क्योंकि भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए ग्रहण के कारण भारत के किसी हिस्से में दिन के समय अचानक अंधेरा छाने जैसी स्थिति नहीं होगी।

भारत में दिए गए eclipse timings रात के हैं और उस समय अधिकांश देश में सूर्य दिखाई नहीं देगा।

क्या Surya Grahan 2026 के बाद कोई और ग्रहण होगा?

2026 में 12 अगस्त के सूर्य ग्रहण के बाद 28 अगस्त 2026 को Partial Lunar Eclipse होगा।

NASA के 2026 eclipse calendar के अनुसार वर्ष में दो solar eclipses और दो lunar eclipses हैं:

तारीखग्रहण
17 फरवरी 2026Annular Solar Eclipse
3 मार्च 2026Total Lunar Eclipse
12 अगस्त 2026Total Solar Eclipse
28 अगस्त 2026Partial Lunar Eclipse

Surya Grahan 2026 FAQs

Surya Grahan 2026 कब है?

साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026, बुधवार को होगा।

क्या 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

नहीं। यह सूर्य ग्रहण भारत के किसी भी हिस्से से दिखाई नहीं देगा।

Surya Grahan 2026 भारत में कितने बजे होगा?

भारतीय समय के अनुसार Partial Eclipse लगभग रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की रात 1:28 बजे समाप्त होगा। ये converted global timings हैं; भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा।

सूर्य ग्रहण का Maximum Time क्या है?

भारतीय समय के अनुसार maximum eclipse लगभग रात 11:16 बजे होगा।

क्या भारत में Sutak Kaal लगेगा?

उपलब्ध स्थानीय पंचांग गणनाओं के अनुसार भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण Sutak applicable नहीं है।

Surya Grahan 2026 कहां दिखाई देगा?

Total Eclipse Greenland, Iceland, northern Russia, Spain और Portugal के एक छोटे हिस्से में दिखाई देगा। Partial Eclipse इससे कहीं बड़े क्षेत्र में दिखाई देगा।

क्या 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या भी है?

हां। 12 अगस्त 2026 को Shravana Amavasya और Hariyali Amavasya है।

क्या 12 अगस्त 2026 को शतभिषा नक्षत्र रहेगा?

नहीं। New Delhi के स्थानीय पंचांग के अनुसार उस दिन Pushya के बाद Ashlesha नक्षत्र रहेगा।

क्या 12 अगस्त 2026 का ग्रहण साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है?

हां। 17 फरवरी का Annular Solar Eclipse 2026 का पहला सूर्य ग्रहण था और 12 अगस्त का Total Solar Eclipse साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण है।

क्या सूर्य ग्रहण को सीधे आंखों से देख सकते हैं?

नहीं। जहां ग्रहण दिखाई दे रहा हो, वहां उचित solar viewing protection के बिना सूर्य को सीधे देखने से आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है।

निष्कर्ष

12 अगस्त 2026 का Total Solar Eclipse साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। यह खगोलीय घटना Greenland, Iceland, Spain और northern Russia सहित कई क्षेत्रों में दिखाई देगी, जबकि भारत इस ग्रहण के visibility zone से बाहर रहेगा।

भारतीय समय के अनुसार ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होकर 13 अगस्त की रात 1:28 बजे समाप्त होगा और इसका maximum phase लगभग 11:16 बजे होगा। लेकिन भारत में इसे आसमान में देखा नहीं जा सकेगा।

12 अगस्त को श्रावण अमावस्या और हरियाली अमावस्या भी है। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण उपलब्ध पंचांग गणनाओं के अनुसार Sutak भी applicable नहीं है।

धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं में अंतर हो सकता है, इसलिए पूजा-पाठ या Sutak से जुड़े किसी विशेष पारिवारिक नियम के लिए अपने स्थानीय पंचांग या आचार्य की सलाह लेना उचित है।

यह जानकारी खगोलीय गणनाओं और उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। ग्रहण देखने के लिए हमेशा उचित solar eye protection और आधिकारिक astronomical safety guidance का पालन करें।

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