Diwali 2026: 8 नवंबर को दीपावली, जानें धनतेरस से भाई दूज तक का पूरा Festival Calendar और लक्ष्मी पूजा मुहूर्त।
दीपों का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली 2026 में 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। हालांकि कई जगहों पर अभी भी 28 अक्टूबर की तारीख बताई जा रही है, लेकिन उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार 2026 में कार्तिक अमावस्या 8 नवंबर को पड़ रही है और इसी दिन लक्ष्मी पूजा होगी। दिल्ली के लिए लक्ष्मी पूजा का मुख्य मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक बताया गया है।
इस बार धनतेरस से भाई दूज तक त्योहारों की तारीखों में भी सामान्य पांच-दिवसीय क्रम से थोड़ा अंतर देखने को मिलेगा। खास तौर पर गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को होगी, यानी दीपावली के अगले दिन नहीं बल्कि एक दिन के अंतर के बाद।
Diwali 2026: 5-दिवसीय Festival Calendar
| दिन | त्योहार | तारीख | दिन |
|---|---|---|---|
| Day 1 | धनतेरस | 6 नवंबर 2026 | शुक्रवार |
| Day 2 | छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी | 7 नवंबर 2026 | शनिवार |
| Day 3 | दीपावली / लक्ष्मी पूजा | 8 नवंबर 2026 | रविवार |
| Day 4 | गोवर्धन पूजा / अन्नकूट | 10 नवंबर 2026 | मंगलवार |
| Day 5 | भाई दूज | 11 नवंबर 2026 | बुधवार |
पंचांग के अनुसार 2026 में दीपावली 8 नवंबर को है और गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को पड़ रही है। अलग-अलग क्षेत्रों और स्थानीय परंपराओं में कुछ पर्वों के पालन में अंतर हो सकता है, इसलिए अपने शहर के पंचांग को भी जरूर देखें।
धनतेरस 2026 कब है?
धनतेरस 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करने की परंपरा है।
धनतेरस को लोग अपनी परंपरा के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन, आभूषण या अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदते हैं। इस दिन घर में दीप जलाने की भी परंपरा है।
खरीदारी के लिए शुभ समय स्थान और पंचांग के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए खरीदारी का विशेष मुहूर्त जानने के लिए स्थानीय पंचांग देखना बेहतर रहेगा।
छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी कब है?
7 नवंबर 2026, शनिवार को छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी।
इस दिन सुबह जल्दी उठकर तेल से स्नान करने और शरीर पर उबटन लगाने की परंपरा कई क्षेत्रों में प्रचलित है। धार्मिक मान्यता में यह दिन नकारात्मकता और बुराई पर विजय का प्रतीक माना जाता है।
Diwali 2026: लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल दीपावली की मुख्य पूजा 8 नवंबर 2026 को होगी।
नई दिल्ली के लिए लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त:
- लक्ष्मी पूजा: शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक
- प्रदोष काल: शाम 5:31 बजे से 8:09 बजे तक
- अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे
- अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे
ध्यान रखें कि लक्ष्मी पूजा का समय शहर के अनुसार बदलता है। उदाहरण के लिए उपलब्ध पंचांग गणना में पुणे, मुंबई, चेन्नई, जयपुर और कोलकाता के समय अलग-अलग हैं। इसलिए पूजा करने से पहले अपने शहर के स्थानीय पंचांग से समय जरूर मिलाएं।
लक्ष्मी पूजा क्यों की जाती है?
दीपावली पर मां लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता है। उनके साथ भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा भी है।
कई व्यापारी इस दिन अपने बही-खाते, व्यापारिक दस्तावेज और कार्यस्थल की भी पूजा करते हैं। इसका उद्देश्य नए वर्ष में सुख-समृद्धि, सफलता और शुभ शुरुआत की कामना करना होता है।
Laxmi Puja की सरल विधि
दीपावली की पूजा को सरल तरीके से इस प्रकार किया जा सकता है:
- सबसे पहले पूरे घर और पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें।
- पूजा स्थल पर साफ कपड़ा बिछाएं।
- मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
- कलश स्थापित करके उसके ऊपर नारियल रखें।
- रोली, अक्षत, फूल और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें।
- घी या तेल का दीपक जलाएं।
- मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें।
- मिठाई और फल का भोग लगाएं।
- लक्ष्मी आरती करें।
- घर के मुख्य स्थानों पर दीपक जलाएं।
व्यापारी इस अवसर पर अपनी दुकान या ऑफिस में बही-खाते और अन्य व्यापारिक सामग्री की पूजा भी कर सकते हैं।
दीपावली पर घर को कैसे सजाएं?
दीपावली के दिन घर को रोशन करने की परंपरा सदियों पुरानी है। आप घर की सजावट में—
- मिट्टी के दीये
- रंगोली
- फूलों की माला
- पारंपरिक तोरण
- LED लाइट्स
- मोमबत्तियां
का इस्तेमाल कर सकते हैं।
मिट्टी के दीये इस्तेमाल करने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें और जलते हुए दीपक को पर्दे, कागज या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
गोवर्धन पूजा 2026 कब है?
इस साल गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026, मंगलवार को होगी। दिल्ली के पंचांग के अनुसार इस दिन सुबह 6:40 बजे से 8:50 बजे तक गोवर्धन पूजा का मुहूर्त बताया गया है।
गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा करने की कथा से जुड़ी है। इस दिन कई स्थानों पर अन्नकूट का भोग लगाया जाता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इस वर्ष गोवर्धन पूजा दीपावली के अगले दिन न होकर 10 नवंबर को है। इसलिए पुराने या सामान्य पांच-दिवसीय कैलेंडर को देखकर तारीख तय न करें।
भाई दूज 2026 कब है?
भाई दूज 11 नवंबर 2026, बुधवार को मनाई जाएगी।
इस दिन बहनें भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करती हैं। भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसके प्रति प्रेम और स्नेह व्यक्त करता है।
यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित है और दीपावली उत्सव का पारंपरिक समापन माना जाता है।
Diwali 2026 पर सुरक्षा के जरूरी Tips
त्योहार की खुशी के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।
- पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर ही जलाएं।
- बच्चों को पटाखे जलाते समय अकेला न छोड़ें।
- पास में पानी की बाल्टी या अग्निशमन की व्यवस्था रखें।
- दीये और मोमबत्तियां पर्दों तथा अन्य ज्वलनशील सामान से दूर रखें।
- पटाखे जलाते समय आंखों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
- पालतू जानवरों को तेज आवाज और पटाखों से सुरक्षित स्थान पर रखें।
- स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी पटाखों से जुड़े नियमों का पालन करें।
FAQs
Diwali 2026 किस तारीख को है?
दीपावली यानी लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर 2026, रविवार को होगी।
Dhanteras 2026 कब है?
धनतेरस 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
Laxmi Puja 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के अनुसार लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक है। दूसरे शहरों में समय अलग हो सकता है।
Govardhan Puja 2026 कब है?
गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026, मंगलवार को होगी।
Bhai Dooj 2026 कब मनाई जाएगी?
भाई दूज 11 नवंबर 2026, बुधवार को मनाई जाएगी।
क्या 2026 में Diwali 28 अक्टूबर को है?
नहीं। उपलब्ध 2026 पंचांग गणना के अनुसार मुख्य दीपावली और लक्ष्मी पूजा 8 नवंबर 2026 को है। 28 अक्टूबर वाली तारीख सही नहीं है।
निष्कर्ष
Diwali 2026 को लेकर सबसे पहले तारीख का भ्रम दूर कर लें। इस साल दीपावली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इससे पहले 6 नवंबर को धनतेरस और 7 नवंबर को छोटी दिवाली होगी। इसके बाद 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाई दूज मनाई जाएगी।
लक्ष्मी पूजा के लिए नई दिल्ली में शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक का समय बताया गया है, लेकिन अपने शहर के अनुसार स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि जरूर करें।
दीपावली केवल रोशनी और खरीदारी का त्योहार नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियां बांटने, घर को सकारात्मकता से भरने और परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर भी है।
ऐसी ही व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त और धार्मिक जानकारी के लिए Manthan के साथ बने रहें।
