August 7, 2026

गणेश चतुर्थी 2026: 14 सितंबर को होगी गणपति स्थापना, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और विसर्जन की पूरी जानकारी

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Ganesh Chaturthi 2026 का शुभ पर्व 14 सितंबर से शुरू हो रहा है। यहां जानिए गणपति स्थापना का सही समय, पूजा की विधि, आवश्यक सामग्री, अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन की तारीख और महत्वपूर्ण धार्मिक जानकारी।

Ganesh Chaturthi 2026 पर गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और विसर्जन की जानकारी।

14 सितंबर 2026 से शुरू हो रहे गणेश उत्सव में शुभ मुहूर्त के अनुसार गणपति स्थापना करें और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें।

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भगवान गणेश के भक्तों के लिए सबसे बड़े पर्वों में से एक गणेश चतुर्थी इस वर्ष 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। यह दस दिनों तक चलने वाला उत्सव पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, विशेष रूप से महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसकी विशेष धूम रहती है।

गणेश चतुर्थी के दिन घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसके बाद दस दिनों तक नियमित पूजा-अर्चना होती है और अनंत चतुर्दशी के दिन विधि-विधान से गणेश विसर्जन किया जाता है।


Ganesh Chaturthi 2026: महत्वपूर्ण तिथियां

आयोजनतारीख
गणेश स्थापना14 सितंबर 2026 (सोमवार)
चतुर्थी तिथि प्रारंभ13 सितंबर 2026, रात 09:42 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त14 सितंबर 2026, रात 08:09 बजे
अनंत चतुर्दशी (विसर्जन)24 सितंबर 2026
उत्सव अवधि10 दिन

गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यता के अनुसार मध्याह्न काल भगवान गणेश की स्थापना के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

मुहूर्तसमय
मुख्य स्थापना मुहूर्तसुबह 11:07 बजे से दोपहर 1:37 बजे तक
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक

यदि संभव हो तो इसी अवधि में गणेश प्रतिमा की स्थापना करना शुभ माना जाता है।


गणेश स्थापना के लिए आवश्यक पूजा सामग्री

गणपति स्थापना से पहले सभी आवश्यक सामग्री तैयार रखें—

  • भगवान गणेश की प्रतिमा (मिट्टी की इको-फ्रेंडली मूर्ति बेहतर विकल्प)
  • लाल वस्त्र
  • चौकी
  • रोली
  • अक्षत (चावल)
  • चंदन
  • दूर्वा
  • लाल और पीले फूल
  • मोदक या लड्डू
  • पंचामृत
  • नारियल
  • कलश
  • दीपक
  • कपूर
  • अगरबत्ती
  • घी

गणेश स्थापना की पूजा विधि

गणेश चतुर्थी के दिन पूजा करते समय इन चरणों का पालन करें—

1. घर और पूजा स्थल की सफाई करें

सबसे पहले पूरे घर और पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें।

2. चौकी तैयार करें

लाल वस्त्र बिछाकर चौकी पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें।

3. संकल्प लें

पूजा शुरू करने से पहले भगवान गणेश का ध्यान करते हुए संकल्प लें।

4. प्राण प्रतिष्ठा करें

“ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करते हुए श्रद्धापूर्वक गणेश जी का आवाहन करें।

5. पूजा अर्पित करें

  • चंदन
  • अक्षत
  • दूर्वा
  • फूल
  • मोदक
  • नारियल

अर्पित करें।

6. आरती करें

पूजा के अंत में परिवार सहित गणेश आरती करें और प्रसाद वितरित करें।


गणेश जी को क्या भोग लगाएं?

भगवान गणेश को विशेष रूप से—

  • मोदक
  • बेसन के लड्डू
  • नारियल
  • केले
  • गुड़
  • पंचामृत

का भोग लगाया जाता है।


विसर्जन के समय किन बातों का रखें ध्यान?

गणेश उत्सव के समापन पर पर्यावरण का ध्यान रखना भी आवश्यक है।

  • इको-फ्रेंडली मिट्टी की प्रतिमा का उपयोग करें।
  • यदि संभव हो तो घर में ही कृत्रिम टैंक में विसर्जन करें।
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) की मूर्तियों से बचें।
  • सार्वजनिक विसर्जन के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

गणेश चतुर्थी का धार्मिक महत्व

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, सिद्धिविनायक और बुद्धि के देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है तथा सभी प्रकार के विघ्न दूर होते हैं।


FAQs

Ganesh Chaturthi 2026 कब है?

14 सितंबर 2026, सोमवार।


गणपति स्थापना का सबसे शुभ समय क्या है?

सुबह 11:07 बजे से दोपहर 1:37 बजे तक।


गणेश विसर्जन कब होगा?

24 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन।


भगवान गणेश को कौन सा भोग सबसे प्रिय है?

मोदक और लड्डू भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग माना जाता है।


क्या मिट्टी की मूर्ति स्थापित करना बेहतर है?

हाँ, पर्यावरण संरक्षण के लिए इको-फ्रेंडली मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करना सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है।


निष्कर्ष

गणेश चतुर्थी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। यदि आप इस वर्ष अपने घर में भगवान गणेश की स्थापना करने जा रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा करें और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा का चयन करें। श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

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